मुंबई, सितंबर 2025 – मराठा समाज के लिए आज का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। लंबे समय से आरक्षण की मांग कर रहे मनोज जरांगे पाटिल ने आखिरकार अपना अनशन समाप्त कर दिया। दरअसल, महाराष्ट्र सरकार ने उनकी प्रमुख मांगों को स्वीकार करते हुए सरकारी आदेश (GR) जारी कर दिया है।
नींबू पानी पीकर तोड़ा अनशन
आज़ाद मैदान में कई दिनों से चल रहा अनशन आखिरकार खत्म हो गया। जल संसाधन मंत्री और मंत्रिमंडलीय उपसमिति अध्यक्ष राधाकृष्ण विखे पाटील ने जरांगे को नींबू पानी पिलाकर अनशन खत्म कराया। इस मौके पर जरांगे ने कहा – “हम जीत गए हैं, आज मराठा समाज के लिए दिवाली जैसा दिन है।” इसके अलावा, उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे रात 9 बजे तक शांति से मुंबई छोड़ दें।
सरकार का ऐतिहासिक फैसला
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इसे मराठा समाज के लिए ऐतिहासिक दिन बताते हुए मनोज जरांगे का आभार जताया। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए यह फैसला लिया ताकि किसी समाज के साथ अन्याय न हो।
वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा – “हमें खुशी है कि अनशन समाप्त हुआ। हैदराबाद गैजेट इस आरक्षण के लिए अहम सबूत साबित होगा। नतीजतन, इस निर्णय से मराठा समाज को बड़ा लाभ मिलेगा।”
इसी बीच, मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील ने सीएम फडणवीस, डिप्टी सीएम शिंदे और अजित पवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी वजह से यह संभव हो सका।
मनोज जरांगे पाटिल की प्रमुख मांगें
मनोज जरांगे और मराठा समाज की ओर से सरकार के सामने कई अहम मांगें रखी गई थीं। इनमें मुख्य मांगें थीं:
- सबसे पहले, हैदराबाद गैजेटियर लागू किया जाए ताकि मराठा समाज को सामाजिक व आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग साबित किया जा सके।
- इसके अलावा, मराठा समाज को आरक्षण दिया जाए और उसे कानूनी रूप से स्थायी बनाया जाए।
- अब तक आंदोलनकारियों पर दर्ज सभी केस वापस लिए जाएं।
- लेकिन, आरक्षण लागू करने से OBC समाज के आरक्षण पर कोई असर न पड़े।
- साथ ही, राज्य परिवहन बोर्ड (MSRTC) में रोजगार की जगह, प्रभावित परिवारों को सरकारी नौकरियां उनकी योग्यता के अनुसार दी जाएं।
- अंत में, आंदोलनकारियों पर लगाए गए जुर्माने और दंड वापस लिए जाएं।
हैदराबाद गैजेट क्या है?
मराठा समाज के आरक्षण आंदोलन में हैदराबाद गैजेट एक अहम दस्तावेज है। आंदोलनकारियों का कहना है कि इससे साबित होता है कि मराठा किसान और बहुजन समाज सामाजिक व आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग में आते हैं। वास्तव में, 1948 तक मराठवाड़ा क्षेत्र निज़ाम के हैदराबाद राज्य का हिस्सा था। वहीं, वहां से जुड़ी सरकारी गजट अधिसूचनाएं अब आरक्षण के लिए मुख्य प्रमाण मानी जा रही हैं।
सरकार की घोषणाएं
सरकार ने मराठा आंदोलन को देखते हुए कई बड़े ऐलान किए। इनमें शामिल हैं:
- सबसे अहम, सरकारी आदेश (GR) आज ही जारी किया गया।
- नतीजतन, आंदोलन में जान गंवाने वालों के परिवारों को 15 करोड़ रुपये और सरकारी नौकरी दी जाएगी।
- इसके अलावा, आंदोलनकारियों पर दर्ज सभी केस सितंबर तक वापस लिए जाएंगे।
- इसलिए, आरक्षण लागू करने में OBC और अन्य वर्गों का नुकसान नहीं होगा।
जरांगे का संदेश
जरांगे ने स्पष्ट किया कि उनके ज्यादातर समर्थक मुंबई छोड़ चुके हैं या मंगलवार तक छोड़ देंगे। उन्होंने कहा – “सरकार GR लेकर आए, और हम खुशी-खुशी आंदोलन खत्म कर देंगे।” साथ ही, उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे शांति बनाए रखें और बिना हंगामे के अपने गांव लौटें।
मराठा समाज की जीत
आखिरकार, आज का दिन मराठा समाज के संघर्ष और धैर्य की जीत के रूप में दर्ज हो गया। मनोज जरांगे पाटिल के नेतृत्व में चला यह आंदोलन अब एक नए अध्याय की शुरुआत कर चुका है, जहां मराठा समाज को सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ी उपलब्धि मिली है।
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