जम्मू-कश्मीर में इस समय हालात बेहद खराब हैं। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने राज्य में बाढ़ और भूस्खलन जैसी आपदाओं को जन्म दे दिया है। नदियाँ और नाले उफान पर हैं, सड़कें टूट गई हैं और कई इलाके पानी में डूब चुके हैं। मौसम विभाग ने पूरे जम्मू-कश्मीर के लिए रेड अलर्ट जारी कर दिया है। सबसे बड़ा और दर्दनाक हादसा कटरा स्थित माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर हुआ | जहाँ अचानक भूस्खलन से दर्जनों श्रद्धालु उसकी चपेट में आ गए।
वैष्णो देवी मार्ग पर मौत का मंजर
मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे अर्धकुंवारी क्षेत्र के पास बड़ा भूस्खलन हुआ। इस दौरान चट्टानें, पेड़ और भारी पत्थर श्रद्धालुओं पर गिर पड़े। हादसे में अब तक 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है | जबकि 20 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को कटरा और नारायण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कई लोग अब भी मलबे में दबे हो सकते हैं, जिन्हें निकालने के लिए एनडीआरएफ और सेना के जवान रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं।
श्रद्धालु की आपबीती – “लोग चीख रहे थे, पत्थर गिर रहे थे”
इस दर्दनाक हादसे की गवाह पंजाब के मोहाली की रहने वाली किरण रहीं। उन्होंने अस्पताल में बातचीत के दौरान बताया:
“हम दर्शन करके वापस लौट रहे थे। अचानक लोग जोर-जोर से चिल्लाने लगे। मैंने देखा कि ऊपर से बड़े-बड़े पत्थर गिर रहे हैं। मैं किसी तरह सुरक्षित जगह भागी, लेकिन घायल हो गई। मेरे साथ आए लोग भी जख्मी हुए हैं।”
एक अन्य श्रद्धालु ने कहा कि उनका समूह पाँच लोगों का था, जिनमें से तीन गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना के बाद कई लोग अब भी सदमे में हैं।
यात्रा मार्ग बंद, भक्तों की सुरक्षा प्राथमिकता
भूस्खलन के तुरंत बाद वैष्णो देवी यात्रा स्थगित कर दी गई। हिमकोटि मार्ग पहले ही सुरक्षा कारणों से बंद था, लेकिन अब अर्धकुंवारी वाला पुराना मार्ग भी बंद कर दिया गया है। हजारों श्रद्धालु कटरा बेस कैंप में फँस गए हैं, जिन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की कोशिश की जा रही है।
हाईवे और शहरों में पानी भर गया
लगातार हो रही बारिश से न सिर्फ पहाड़ों में भूस्खलन की समस्या खड़ी हुई है| बल्कि मैदानी इलाकों में भी बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
- जम्मू-पुंछ-राजौरी नेशनल हाईवे पानी भरने से तालाब में बदल गया है।
- कई गाड़ियाँ बीच रास्ते में फँस गईं और यात्रियों को पैदल निकलना पड़ा।
- जम्मू के डिविजनल कमिश्नर रमेश कुमार ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रात 8 बजे से सुबह 8 बजे | तक लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है| ताकि किसी तरह की अनचाही दुर्घटना न हो।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
हादसे के बाद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सेना पहुँची। जेसीबी से मलबा हटाया जा रहा है और हेलिकॉप्टर से मदद मिल रही है। कई लोग अब भी फँसे हो सकते हैं। घायलों को अस्पताल भेजा गया है।
जम्मू-कश्मीर में लगातार आपदाओं का सिलसिला
यह हादसा पहली बार नहीं हुआ। दरअसल, कुछ दिन पहले ही किश्तवाड़ जिले के चिसोती गाँव में बादल फटने से 65 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 100 से ज्यादा घायल हुए और कई अब भी लापता हैं। इसी वजह से लगातार हो रही ये प्राकृतिक आपदाएँ जम्मू-कश्मीर को हिला रही हैं।
स्थानीय प्रशासन की चेतावनी
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे फिलहाल घरों से बाहर न निकलें और सुरक्षित जगहों पर रहें। विशेष रूप से यात्रियों को कटरा आने से मना किया गया है |
हादसे ने भक्तों का दिल तोड़ा
हर दिन हजारों श्रद्धालु वैष्णो देवी के दर्शन को कटरा आते हैं|हादसे ने भक्तों को गहरा दुख दिया है। मृतक देश के अलग-अलग राज्यों से थे और परिवारजन अस्पताल व बेस कैंप में अपनों की खबर ले रहे हैं।
निष्कर्ष
जम्मू-कश्मीर इस समय बाढ़ बारिश और भूस्खलन जैसी आपदाओं से जूझ रहा है। इसी बीच, कटरा स्थित वैष्णो देवी मार्ग पर हुआ यह हादसा न सिर्फ एक बड़ी त्रासदी है | बल्कि यह प्रशासन और तीर्थयात्रियों दोनों के लिए चेतावनी भी है।
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