हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और बादल फटने ने इस बार भयानक तबाही मचाई है। विशेष रूप से, मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जहाँ धर्मपुर में पूरा बस स्टैंड पानी में डूब गया और कई बसें व वाहन तेज बहाव में बह गए। इसके साथ ही, शिमला और सुंदरनगर में भूस्खलन से घर ढह गए और कई लोगों की मौत हो गई। इस परिणामस्वरूप, राज्यभर में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

धर्मपुर बस स्टैंड में तबाही का मंजर

सोमवार रात करीब 11 बजे से मंडी जिले में मूसलाधार बारिश शुरू हुई। शुरुआत में, यह बारिश सामान्य थी, लेकिन रात 1 बजे तक इतनी तेज हो गई कि लोग घरों से बाहर निकल आए। इसी बीच, धर्मपुर से होकर बहने वाली सोन खड्ड अचानक विकराल हो गई। इसके परिणामस्वरूप, धर्मपुर बस स्टैंड पूरी तरह से झील में बदल गया।

यहाँ खड़ी एचआरटीसी की कई बसें और निजी वाहन पानी में डूब गए। साथ ही, कुछ गाड़ियां और बसें बह भी गईं। इसके अलावा, आसपास के घरों और दुकानों में पानी घुस गया, जिससे लाखों का सामान बर्बाद हो गया।

छतों पर चढ़कर बचाई जान

भारी बारिश के कारण कई लोगों को अपने घरों की दूसरी और तीसरी मंजिलों पर शरण लेनी पड़ी। इसके अलावा, कई लोग छतों पर चढ़ गए ताकि अपनी जान बचा सकें। धर्मपुर स्थित एक छात्रावास में करीब 150 बच्चे फंसे थे। हालांकि, सभी बच्चों ने ऊपरी मंज़िलों पर जाकर खुद को सुरक्षित कर लिया।

लापता लोग और रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन

स्थानीय प्रशासन के अनुसार, इस हादसे में 6 से 7 लोगों के लापता होने की आशंका है। इनमें, कुछ प्रवासी मजदूर और स्थानीय निवासी शामिल हैं। एक व्यक्ति के लापता होने की पुष्टि भी हुई है। फिर भी, पुलिस और प्रशासन ने रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकाला।

इसी दौरान, एनडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय लोग भी मदद में जुट गए। नतीजतन, कई परिवारों को सुरक्षित निकाला जा सका। हालांकि, इस घटना में करोड़ों रुपये की संपत्ति का नुकसान होने का अनुमान है।

शिमला में भूस्खलन का खौफनाक मंजर

राजधानी शिमला और आसपास के इलाकों में भी लगातार बारिश ने तबाही मचाई। वहाँ, हुए भूस्खलन से एक परिवार के सात लोग घर में फंस गए। दरअसल, घर के दरवाजे और खिड़कियां मलबे और पेड़ों से बंद हो गए थे। हालांकि, करीब 8 घंटे बाद एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि बाकी लोगों ने पूरी रात दहशत में गुजारी।

सुंदरनगर में पहाड़ खिसका, तीन की मौत

सुंदरनगर उपमंडल की निहरी तहसील के ब्रगटा गांव में देर रात पहाड़ खिसक गया। इसके परिणामस्वरूप, एक घर पूरी तरह दब गया। हादसे के समय घर में पांच लोग मौजूद थे:

  • 64 वर्षीय तांगू देवी
  • 33 वर्षीय कमला देवी
  • 8 महीने का बच्चा भीष्म सिंह

इनकी मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, 65 वर्षीय खूब राम और 58 वर्षीय दर्शन देवी को सुरक्षित बचा लिया गया। इसके बाद, पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए।

बार-बार हो रहे हादसे, लोग सहमे

इससे पहले भी सुंदरनगर के जंगमबाग में इसी तरह की घटना में सात लोगों की मौत हो चुकी थी। इसके बाद, निहरी हादसे ने एक बार फिर लोगों में दहशत बढ़ा दी। इसके अतिरिक्त, लगातार हो रही बारिश और पहाड़ से गिरते मलबे के कारण राहत और बचाव कार्य में भी मुश्किलें आ रही हैं।

नेताओं की मौजूदगी पर सवाल

इस आपदा के बीच राजनीतिक मुद्दा भी उभर गया है। मंडी की सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत की कम मौजूदगी पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि, इतनी बड़ी तबाही के बावजूद वह केवल एक बार ही मौके पर पहुंचीं। इसके विपरीत, केंद्र सरकार के मंत्री और प्रशासनिक अधिकारी लगातार दौरे कर रहे हैं और राहत कार्य की निगरानी कर रहे हैं।

Read Also: GST Exemption on Medicines from September 22: Patients to Get Cheaper Healthcare

देर से आई बारिश बनी आफत

मॉनसून के अंतिम चरण में हुई यह बारिश हिमाचल प्रदेश के लिए राहत नहीं, बल्कि आफत बन गई है। दरअसल, बादल फटना, बाढ़ और भूस्खलन जैसी घटनाएं अब आम हो चुकी हैं।

  • कई सड़कें बंद हो गई हैं।
  • गांवों का आपस में संपर्क टूट गया है।
  • बिजली और पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है।
  • खेती-बाड़ी और व्यापार को भारी नुकसान हुआ है।

नतीजा: डर और अनिश्चितता

हिमाचल प्रदेश के मंडी, शिमला और सुंदरनगर जैसे इलाकों में लोग अब भी दहशत में हैं। चारों ओर, मलबा, टूटे मकान, डूबे वाहन और परेशान परिवार दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है, लेकिन लगातार बारिश और पहाड़ी मलबा इन कोशिशों को मुश्किल बना रहा है। इसलिए, यह साफ है कि मौसम का यह कहर आने वाले दिनों में भी हिमाचल के लिए बड़ी चुनौती बना रहेगा।

Leave a Reply