भारत हर साल 2 अक्टूबर को गांधी जयंती मनाता है। इस अवसर पर, यह दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। इस 156वीं गांधी जयंती 2025 पर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई नेता राजघाट पहुंचे। इसके बाद, उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
पीएम मोदी ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधीजी के असाधारण जीवन और उनके आदर्शों को याद किया। उन्होंने कहा कि गांधी के विचारों ने मानव इतिहास की दिशा बदल दी। साथ ही, उन्होंने बताया कि गांधी ने दिखाया कि साहस और सरलता से बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। इसके अलावा, मोदी ने गांधी के सेवा और करुणा के विश्वास को लोगों को सशक्त बनाने का साधन बताया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि गांधी जयंती प्रिय बापू के अद्भुत जीवन को सम्मान देने का दिन है। इसके अनुसार, हमें उनके मार्ग पर चलकर विकसित भारत का निर्माण करना चाहिए।
महात्मा गांधी का जीवन और योगदान
महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ। वास्तव में, वे अहिंसक प्रतिरोध और सत्याग्रह के अग्रदूत थे।इस प्रकार, उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम में लाखों लोगों को जोड़ा।
साथ ही, गांधी ने स्वदेशी आंदोलन, नमक सत्याग्रह, और भारत छोड़ो आंदोलन चलाए।आज भी उनका जीवन शांति, अहिंसा और सामाजिक न्याय का प्रतीक है। इसके अतिरिक्त, गांधी ने सिखाया कि साधारण इंसान भी अपने साहस और नैतिकता से बड़ा बदलाव ला सकता है| हालांकि, 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे ने उन्हें नई दिल्ली में मार डाला। इसके बाद, गांधीजी का जीवन शांति और मानवता के प्रतीक के रूप में याद किया गया।
लाल बहादुर शास्त्री को भी याद किया गया
गांधी जयंती पर प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी याद किया। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी एक असाधारण नेता थे। उनकी ईमानदारी, विनम्रता और दृढ़ संकल्प ने कठिन समय में भी भारत को मजबूत किया।
उदाहरण के लिए, शास्त्री ने 1965 के भारत-पाक युद्ध में साहस और नेतृत्व दिखाया। साथ ही, उनका प्रसिद्ध नारा “जय जवान जय किसान” आज भी देशभक्ति और किसानों व सैनिकों के योगदान का प्रतीक है। संक्षेप में, शास्त्री का जीवन सादगी, अनुशासन और देशभक्ति का उदाहरण रहा।
गांधी के आदर्शों पर भारत की प्रगति
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गांधी के साहस, सरलता और मानव सेवा के आदर्शों का पालन करके भारत विकास की राह पर आगे बढ़ सकता है। वास्तव में, गांधी और शास्त्री के विचार आज भी हमारे मार्गदर्शक हैं।
गांधी जयंती पर देशभर में आयोजन
इसके अलावा, स्कूल, कॉलेज और सरकारी संस्थानों में कार्यक्रम और भाषण आयोजित किए जाते हैं। विशेष रूप से, राजघाट, नई दिल्ली में श्रद्धांजलि कार्यक्रम बड़े पैमाने पर होता है। साथ ही, कई जगह रैली, प्रेरक भाषण और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। इस दिन, सार्वजनिक अवकाश रहता है और लोग गांधी के आदर्शों से प्रेरणा लेते हैं।
निष्कर्ष
अंत में, गांधी जयंती 2025 केवल राष्ट्रपिता को याद करने का दिन नहीं है।बल्कि, यह हमें शांति, सेवा और नैतिक साहस के आदर्शों पर चलने की प्रेरणा देता है। इसके साथ ही, देशभर के नेता गांधी और शास्त्री को श्रद्धांजलि देकर हमें इन महान व्यक्तित्वों की याद दिलाते हैं।
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