उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी राज्यों में मौसम ने करवट ले ली है। ऊंचे इलाकों में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। इससे ठंड बढ़ गई है और सर्दियों की शुरुआत हो चुकी है। उत्तराखंड के प्रमुख धाम बद्रीनाथ, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब बर्फ की सफेद चादर में लिपट गए हैं। हेमकुंड साहिब में 2 से 3 इंच तक बर्फ गिरी है। केदारनाथ में तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। मौसम विभाग ने 7 अक्टूबर के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।

चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में यह मौसम बदलाव यात्रा को चुनौतीपूर्ण बना रहा है। इसके बावजूद रोजाना पांच हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों से सावधानी बरतने की अपील की है।

बद्रीनाथ धाम में पहली बर्फबारी से छाया नजारा

सोमवार दोपहर के बाद बद्रीनाथ धाम और आसपास की चोटियों पर पहली बर्फबारी हुई। नर नारायण पर्वत, उर्वशी पर्वत और माणा गांव बर्फ से ढक गए। बर्फबारी के बाद पूरा क्षेत्र सफेद चादर में लिपट गया। श्रद्धालु और पर्यटक इस नजारे को देखकर मंत्रमुग्ध हो गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, अक्टूबर के पहले सप्ताह में यह बर्फबारी लंबे समय बाद हुई है। तापमान लगातार गिर रहा है। लोग गर्म कपड़े निकालने लगे हैं। होटल संचालकों के अनुसार, मौसम बदलाव से पर्यटन में वृद्धि हुई है। देशभर से पर्यटक बर्फ देखने आ रहे हैं।

केदारनाथ में ठंड ने बढ़ाई मुश्किलें

केदारनाथ धाम में तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। सुबह और शाम बर्फीली हवाएं चल रही हैं। श्रद्धालुओं को यात्रा में कठिनाई हो रही है। प्रशासन ने अलाव, गर्म पेय और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं।
मौसम विभाग ने बताया कि अगले 48 घंटों तक हल्की से मध्यम बर्फबारी जारी रह सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने से ठंड और बारिश का असर बढ़ेगा।

हेमकुंड साहिब में भी गिरी बर्फ

बद्रीनाथ और केदारनाथ के बाद हेमकुंड साहिब में भी बर्फबारी हुई। बर्फ की पतली परत से पूरी घाटी चमक उठी। हेमकुंड झील और आसपास की पहाड़ियां सफेद बर्फ से ढक गईं। दृश्य बेहद मनमोहक था।
यह इस सीजन की पहली बर्फबारी है। तापमान में गिरावट से ठंड और बढ़ गई है, लेकिन श्रद्धालु बेहद खुश हैं।

हिमाचल प्रदेश में माइनस तापमान

हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति, चंबा, किन्नौर और कुल्लू जिलों में बर्फबारी जारी है। केलांग में तापमान -0.5 डिग्री तक गिर गया है। कुकुमसेरी में -0.3 डिग्री और ताबो में 1.6 डिग्री दर्ज हुआ है।
लाहौल-स्पीति के गोंधला में 26 सेंटीमीटर और केलांग में 20 सेंटीमीटर बर्फ गिरी है। भारी बर्फबारी से कई सड़कें बंद हो गई हैं। मनाली-लेह और कोकसर-काजा मार्गों पर यातायात बाधित है। अटल टनल से मनाली से केलांग तक आवाजाही जारी है।प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

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पंजाब और हरियाणा में बारिश का असर

उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी मौसम का असर दिखा है। पंजाब के पठानकोट, जालंधर और लुधियाना में तेज बारिश हुई। हरियाणा के अंबाला, करनाल और हिसार जिलों में भी भारी बारिश की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि यह बारिश पश्चिमी विक्षोभ के कारण हो रही है। इससे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में नमी बढ़ी है।

मौसम विभाग की चेतावनी और तैयारी

भारतीय मौसम विभाग ने अगले दो दिन भारी बारिश और बर्फबारी की चेतावनी दी है। उत्तराखंड और हिमाचल में रेड अलर्ट जारी हुआ है। विभाग ने श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की सलाह दी है।प्रशासन ने राहत दलों को अलर्ट पर रखा है। BRO की टीमें बर्फ हटाने और सड़कें खोलने में जुटी हैं।

सर्दियों की शुरुआत

इस बर्फबारी को सर्दियों की शुरुआत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहा तो और बर्फबारी हो सकती है। पर्यटकों के लिए यह मौसम रोमांचक है, जबकि स्थानीय लोगों के लिए ठंड का असली मौसम शुरू हो गया है।

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